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मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की पांचवी किस्त कब आएगी | cm किसान सम्मान निधि 5 किस्त कब आएगी

राजस्थान के नागौर जिले के मेड़ता शहर में आयोजित किसान सम्मेलन में राज्य के किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं हुईं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों के खातों में 1200 करोड़ रुपये की राशि जारी की। हालाँकि, इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की पाँचवीं किस्त जारी नहीं की जा सकी, जिसका लगभग 74 लाख किसानों को अब जनवरी की शुरुआत तक इंतजार रहेगा।

प्रमुख घोषणाओं का सारांश

सीएम किसान सम्मान निधि: पाँचवीं किस्त क्यों अटकी और क्या करें?

सम्मेलन से पहले यह उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की पाँचवीं किस्त (₹1,000) जारी की जाएगी। परंतु, अंतिम समय पर कार्यक्रम सूची से इसे हटा दिया गया। इस विलंब के पीछे मुख्य कारण लाभार्थियों की सूची को सत्यापित और शुद्ध करने की प्रक्रिया मानी जा रही है।

महत्वपूर्ण चेतावनी: अनुमान है कि इस बार लगभग 9 लाख किसानों का नाम सूची से हट सकता है या उनकी किस्त अटक सकती है, अगर उन्होंने निम्नलिखित कार्य नहीं किए हैं:

  • पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी नहीं कराई है।

  • अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाई है।

  • उनका आधार-लिंक्ड बैंक खाता सक्रिय नहीं है।

  • ज़मीन के अद्यतन भू-अभिलेख (जमाबंदी) जमा नहीं कराए हैं।

अपना नाम और स्थिति कैसे चेक करें?

लाभार्थी निम्न चरणों का पालन करके ऑनलाइन जांच सकते हैं कि उनका नाम सूची में है या नहीं:

  1. आधिकारिक पोर्टल https://rajsahakar.rajasthan.gov.in/ पर जाएं।

  2. ‘सिटीजन कॉर्नर’ या ‘नागरिक कोना’ के टैब पर जाएं।

  3. ‘सीएम किसान सम्मान निधि योजना की स्थिति जानें’ के विकल्प पर क्लिक करें।

  4. अपना जिला चुनें और पंजीकरण संख्या दर्ज कर ‘खोजें’ बटन दबाएं।

किसान रजिस्ट्री शिविर और अन्य योजनाओं का विवरण

  • किसान रजिस्ट्री शिविर: कृषि विभाग द्वारा 5 फरवरी से 31 मार्च 2025 तक प्रत्येक ग्राम पंचायत में तीन-दिवसीय शिविर लगाए जाएंगे। इनमें आधार, मोबाइल और नई जमाबंदी की नकल ले जाकर किसान अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

  • कृषि यंत्र योजना: किसान ऑनलाइन या ई-मित्र केंद्र से आवेदन कर सकते हैं। पात्रता के लिए ज़मीन के रिकॉर्ड में नाम होना आवश्यक है। तीन साल में एक बार और एक वित्तीय वर्ष में एक ही यंत्र पर सब्सिडी मिलेगी।

  • अपात्रता के नियम: योजना का लाभ सरकारी कर्मचारी/पेंशनधारी, 10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले, आयकर दाता और डॉक्टर, इंजीनियर जैसे पेशेवर लाभ नहीं ले सकते।

सम्मेलन के अन्य महत्वपूर्ण बिंदे

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना का जिक्र किया, जिसका बजट अब 1.51 लाख करोड़ रुपये प्रस्तावित है। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही बीज अधिनियम और कीटनाशक अधिनियम लाया जाएगा ताकि नकली कीटनाशक और महंगे बीज बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।

निष्कर्ष

मेड़ता किसान सम्मेलन ने राजस्थान के किसानों को तात्कालिक आर्थिक सहायता तो प्रदान की है, लेकिन प्रमुख योजना की किस्त में विलंब ने चिंता भी पैदा की है। किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी पात्रता बनाए रखने के लिए ई-केवाईसी और फार्मर आईडी जैसे दस्तावेजी कार्य पूरे करें। आधिकारिक पोर्टल और विभागीय शिविरों की मदद से वे स्वयं को अप-टू-डेट रख सकते हैं ताकि आने वाली किस्त का लाभ उन्हें मिल सके।

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