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पैन कार्ड धारकों के लिए अच्छी खबर सरकार का नया नियम

पैन कार्ड धारकों के लिए अच्छी खबर सरकार का नया नियम, पैन कार्ड और आधार कार्ड को लेकर सरकार बहुत सचेत रहती है और आय दिन हमें पैन कार्ड और आधार आम नए अपडेट दिखने को मिलते है हाल ही में सरकार द्वारा एक और नए अपडेट किया गया है किसके बारे में हमे जरुर जानना चाहिए। पैन कार्ड के इस नए नियम की जानकारी के लिए इस ब्लॉग पोस्ट को अन्त तक जरुर पढें।

अगर आप भी पैन कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए यह अपडेट के बारे में जानना बहुत जरुरी है। पैन कार्ड और आधार कार्ड आज हमारे लिए बहुत जरुरी दस्तावेज हैं। पैन कार्ड की जरिए ही हम ऑनलाइन पेमेंट, ट्रेडिंग, बैंक की सेवाएं आदि का इस्तेमाल कर सकते है। इस लिए हमे पैन कार्ड से जुड़े सभी सेवाओं के बारे में भी जानना चाहिए और सभी अपडेट को करना भी हमारे लिए बहुत जरुरी है।

सरकार द्वारा पैन कार्ड में किए गए अपडेट का एक मात्र कारण यह है कि कोई भी व्यक्ति टैक्स से ना बचे और आमतौर पर आयकर विभाग पैन कार्ड से संबन्धित धोखाधडी से बचने के लिए पैन कार्ड में नए नए अपडेट किए जाते हैं ताकि पैन कार्ड को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और उपयोगी बनाया जा सके।

पिछले साल आयकर विभाग ने पैन कार्ड और आधार कार्ड को लिंक करना अनिवार्य कर दिया था जिसके बाद बहुत से पैन कार्ड धारकों ने पैन आधार लिंक कर लिया था। लेकिन एक अधिक मात्रा में लोगों द्वारा इसे अनदेखा किया गया। आयकर विभाग ने लगातार पैन आधार लिंक करने की अन्तिम तिथि में परिवर्तन किए। लेकिन इस साल 30 मार्च 2023 के बाद से पैन आधार लिंक करने पर 1 हज़ार रुपए कका जुर्माना आयकर विभाग द्वारा लगाया गया।

30 मार्च के बाद से सभी पैन कार्ड धारकों को पैन कार्ड को आधार कार्ड लिंक करने के लिए 1 हज़ार रुपए का भुगतान करना होगा। पैन कार्ड और आधार लिंक करने की अन्तिम तिथी 30 जून 2023 है। सभी पैन कार्ड धारकों को 30 जून से पहले पैन आधार लिंक करना अनिवार्य है।

पैन आधार लिंक ना करने पर अन्तिम तिथि 30 जून 2023 के बाद से पैन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा। और पैन कार्ड किसी भी काम का न रहेगा। और पैन कार्ड से संबन्धित सेवाएं जैसे बैंकिंग सेवाएं, ऑनलाइन पेमेंट, ट्रेडिंग जैसे सुविधाएं का लाभ आप नही ले पायेंगे।
भारत में रहने वाले सभी लोगों के लिए पैन आधार लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है लेकिन इसमें ऐसे भी लोग है जिन्हे पैन आधार लिंक करने में छूट दी गई है। जैसे अगर कोइ व्यक्ति भारत का अस्थाई निवासी है तो उसे पैन आधार लिंक करने में छूट दी गई है इसके अलावा मेघालय जम्मू कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश के लोगों और जिसकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है ऐसे सभी लोगों के लिए पैन आधार लिंक अनिवार्य नहीं है। अगर आप इस श्रेणी में आते है तो आपके लिए पैन आधार लिंक करना अनिवार्य नहीं है।

 

दिल्ली से सटे नोएडा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों की मदद से सरकार से 15 हज़ार करोड़ रुपए लूट लिए लेकिन सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाली बात यह है कि इनकी इस लूट से किसी व्यक्ति से इन्होंने पैसे नहीं लिए बल्कि सीधे सरकारी खजाने से इन्हें सरकार पैसे देती थी यह बहुत ही हैरान कर देने वाला मामला। इनकी इस लूट के तरीके के बारे में अधिक जानने के लिए ब्लॉग पोस्ट को अन्त तक जरुर पढ़ें।

भारत के सबसे बड़े लुटेरे विजय माल्या और नीरव मोदी को भी इस गिरोह ने पीछे छोड़ दिया है। दिल्ली से सटे नोएडा की यह खबर सुन पुलिस प्रशासन सहित आम जानता के भी होस उड़ चुके हैं। नोएडा के इस गिरोह को पकड़ने के साथ साथ पुलिस ने इनके पास से पैन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण फर्जी दस्तावेजों को बरामद किया है। 15 हजार करोड़ की ठगी करने वाले इस गिरोह के 8 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया।

आपकों बता दें कि विजय माल्या पर 9 हज़ार करोड़, और नीरव मोदी पर 14 हज़ार करोड़ रूपए के बैंक से फ्रॉड करने का आरोप है। और नोएडा के इस गिरोह ने पिछले 5 सालों में 15 हज़ार करोड़ का फ्रॉड कर दीया। इस गिरोह में शमिल 8 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और पुलिस कमिश्नर के अनुसार कुल 50 लोग इस ग्रुप में शामिल हैं जिसमें से 8 लोगों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है बाकियों की तलाश जारी है।

नोएडा के इस गिरोह में शामिल सभी आरोपियों का अपना अपना काम रहता था। सबसे पहले पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को तैयार किया जाता था पैन कार्ड को तैयार करने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट या आउटसोर्स कंपनी से डाटा लिया जाता था और फिर किसी झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को कुछ पैसों का लालच देकर के उनके आधार कार्ड में अपना फर्जी नंबर ऐड करा लिया जाता था और इस तरह उनके आधार कार्ड के जरिए एक ही तरह के नाम के हजारों फर्जी दस्तावेज को तैयार कर लिए जाते थे।

फर्जी दस्तावेज तैयार करने के बाद फर्जी कंपनी का रजिस्ट्रेशन किया जाता था और एक जीएसटी नंबर लिया जाता था जीएसटी की मदद से जीएसटी रिफंड लेने का कार्य इस ग्रुप द्वारा किया जाता था इस ग्रुप में लगभग 2600 से ज्यादा कंपनी रजिस्टर्ड कर ली थी और पिछले 5 सालों में 15 हज़ार करोड़ का जीएसटी रिफंड ले लिया गया था और इस तरह इस गिरोह ने सरकारी राजस्व को बहुत ही आसानी से लूट लिया।

इस गिरोह में चार्टर्ड अकाउंटेंट भी शामिल है और एक CA को पुलिस द्वारा अरेस्ट कर लिया गया है साथ में कुल 8 आरोपियों को पुलिस की गिरफ्त में लिया गया है और अन्य की जांच की जा रही है। आप इस लूट के बारे में क्या कहना चाहेंगे नीचे कॉमेंट करके जरूर बताएं साथ ही इसी तरह की खबरों के लिए हमसे जुड़े रहें।

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