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आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

भारतीय संगीत जगत के लिए आज यानी 12 अप्रैल 2026 का दिन बेहद दुखद रहा। दिग्गज पार्श्वगायिका और स्वर कोकिला के नाम से मशहूर आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने आज सुबह मुंबई स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। पिछले कुछ समय से वह उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं।

आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। वह न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में अपनी मधुर और बहुमुखी आवाज़ के लिए जानी जाती थीं। करीब आठ दशकों तक फैले अपने संगीत सफर में उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगला, पंजाबी और कई अन्य भाषाओं में हजारों गीतों को अपनी आवाज़ दी।

‘दम मारो दम’, ‘आई मेहरबाँ’, ‘इन आँखों की मस्ती के’, ‘पिया तू अब तो आजा’ और ‘ये मेरा दिल’ जैसे चिरकालिक गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। फिल्म ‘उमराव जान’ (1981) में उनके गाए गीतों ने उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया था। इसके अलावा उन्हें 2000 में ‘दादा साहेब फाल्के पुरस्कार’ और 2008 में ‘पद्म विभूषण’ से भी सम्मानित किया जा चुका था।

आशा ताई, जैसा कि उनके प्रशंसक प्यार से उन्हें बुलाते थे, स्वरगोष्ठी की दूसरी बड़ी शख्सियत लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। लता जी के निधन (2022) के बाद आशा जी ही मंगेशकर परिवार की सबसे बड़ी कलाकार थीं। उनके निधन से एक युग का अंत हो गया है।

प्रधानमंत्री से लेकर फिल्मी हस्तियों तक ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास पर श्रद्धांजलि का दौर जारी है। आशा भोसले अपने पीछे दो बेटे, एक बेटी और संगीत के अमर खजाने की विरासत छोड़ गई हैं। उनकी आवाज़ सदियों तक लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी।

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