

रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक अहम खबर है। राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘कृषि उन्नत योजना’ के तहत नियम और शर्तें तय कर दी हैं। इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति एकड़ अधिकतम 15,331 रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी।
यह योजना खरीफ सीजन 2025 से लागू होगी। कृषि विभाग ने इस संबंध में दिशानिर्देश (गाइडलाइन) जारी कर दिए हैं। आइए समझते हैं कि किस किसान को कितना लाभ मिलेगा, क्या शर्तें हैं और किन्हें इस योजना से वंचित रखा गया है।
किसानों को कितनी राशि मिलेगी?
योजना के तहत सहायता राशि फसल के प्रकार और पिछले साल की खेती के आधार पर तय की गई है। विभाग ने तीन श्रेणियों में वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है:
धान की पारंपरिक खेती करने वाले किसान: जो किसान खरीफ 2025 में धान की खेती करेंगे, उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के आधार पर सहायता दी जाएगी।
सामान्य धान के लिए: 731 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 15,331 रुपये प्रति एकड़।
ग्रेड-ए धान के लिए: 711 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 14,931 रुपये प्रति एकड़।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने वाले किसान: जिन किसानों ने खरीफ 2024 में धान की फसल लगाई थी और उसे समर्थन मूल्य पर बेचा था, लेकिन अब खरीफ 2025 में धान की जगह दलहन, तिलहन या मक्का जैसी फसलें लगाएंगे, उन्हें प्रति एकड़ 11,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यह कदम धान के अलावा अन्य फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।
अन्य फसलें लगाने वाले किसान: खरीफ सीजन में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी (मड़ुआ) और कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 10,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
लाभ पाने के लिए क्या शर्तें हैं?
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
पंजीकरण अनिवार्य: किसान का पंजीकरण एकीकृत किसान पोर्टल (Unified Farmer Portal) पर होना चाहिए। केवल रजिस्टर्ड किसान ही इस योजना के पात्र होंगे।
समर्थन मूल्य पर बिक्री: खरीफ 2024 में धान बेचने वाले किसानों को अपनी उपज सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचना अनिवार्य है।
सहकारी समिति से खरीद: किसानों को सहकारी समितियों या अन्य निर्धारित स्रोतों से ही खाद और बीज जैसी कृषि सामग्री (आदान) खरीदनी होगी।
फसल का विकल्प: योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो या तो धान लगाएंगे या धान के स्थान पर प्रोत्साहित फसलों (दलहन, तिलहन, मक्का आदि) की खेती करेंगे।
किन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ?
सरकार ने स्पष्ट रूप से कुछ संस्थाओं और संगठनों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा है। ट्रस्ट, मंडल, प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों और कॉलेजों को कृषि उन्नत योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। यानी यह योजना विशेष रूप से व्यक्तिगत किसानों और पंजीकृत कृषकों के लिए बनाई गई है, न कि संस्थागत संस्थाओं के लिए।
योजना का उद्देश्य
‘कृषि उन्नत योजना’ के तहत सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में खेती को अधिक लाभकारी और विविधतापूर्ण बनाना है। धान के अलावा दलहन, तिलहन और मोटे अनाज (श्री अन्न) की खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाना और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना है। साथ ही, सहकारी समितियों से कृषि सामग्री खरीदने की अनिवार्यता से इनपुट की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।









