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आशा भोसले का पहला पति कौन था | आशा भोसले के कितने बच्चे हैं | आशा भोसले ने कितनी शादियां की हैं

दिग्गज पार्श्वगायिका आशा भोसले का निधन हो चुका है, लेकिन उनके सुरों के साथ-साथ उनके निजी जीवान के उतार-चढ़ाव भी हमेशा चर्चा में रहे। बहुत कम लोग जानते हैं कि स्वर कोकिला ने अपने जीवन में दो बार विवाह किया था। आइए जानते हैं उनके दोनों पतियों के बारे में।

पहले पति : गणपतराव भोसले

आशा जी का पहला विवाह बहुत कम उम्र में ही हो गया था। उनके पहले पति का नाम गणपतराव भोसले था। गणपतराव उनसे काफी बड़े थे और वह महाराष्ट्र के एक संपन्न परिवार से ताल्लुक रखते थे। शादी के बाद आशा जी ने अपने पति का सरनेम ‘भोसले’ ही अपनाया जो उनके नाम के साथ हमेशा के लिए जुड़ गया। हालाँकि यह रिश्ता ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया। मनमुटाव के चलते दोनों अलग हो गए। इस शादी में आशा जी को तीन बच्चे हुए – दो बेटे और एक बेटी।

दूसरे पति : आर. डी. बर्मन

संगीत की दुनिया में सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक रही आशा भोसले और पंचम दा यानी राहुल देव बर्मन (आर. डी. बर्मन) की। दोनों ने 1980 के दशक में शादी कर ली थी, हालाँकि इससे पहले काफी समय तक वे एक-दूसरे के करीब रहे थे। पंचम दा को आशा जी की आवाज़ पर बेहद भरोसा था और उन्होंने कई सुपरहिट गीतों में आशा जी को आवाज़ दिलाई। ‘तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा तो नहीं’, ‘चुरा लिया है तुमने’ जैसे युगल गीतों में उनकी जोड़ी का जादू आज भी कायम है।

हालाँकि आर. डी. बर्मन से शादी करने के लिए आशा जी को काफी सामाजिक तानों का भी सामना करना पड़ा, क्योंकि पंचम दा उम्र में उनसे लगभग 6 साल छोटे थे। इसके बावजूद दोनों का रिश्ता मजबूत रहा। 1994 में आर. डी. बर्मन के निधन तक आशा जी उनके साथ रहीं।

आशा जी ने क्यों रखा ‘भोसले’ सरनेम?

एक दिलचस्प बात यह है कि दूसरी शादी के बाद भी आशा जी ने अपने पहले पति वाला सरनेम ‘भोसले’ ही नहीं बदला। इसके पीछे उनके बच्चों की भावनाएँ और संगीत के प्रति सम्मान बताया जाता है। वह चाहती थीं कि उनके बच्चों की पहचान भी बनी रहे।

निजी जीवन में उतार-चढ़ाव

आशा भोसले ने अपनी आत्मकथा और कई इंटरव्यू में माना है कि उनका जीवन कभी आसान नहीं रहा। कम उम्र में शादी, फिर अलगाव, बच्चों की परवरिश, और फिर पंचम दा के साथ रिश्ता – हर मोड़ पर उन्होंने संघर्ष किया। लेकिन अपनी आवाज़ के दम पर उन्होंने हर बाधा को पार किया।

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