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7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की हुई मौज, मुफ्त मिलेंगे 2.3 लाख रुपये के लैपटॉप-मोबाइल, जाने पूरी जानकारी

Posted by aankhodekhinews.in Team

नई दिल्ली: सरकारी कर्मचारियों की हुई मौज, मुफ्त मिलेंगे 2.3 लाख रुपये के लैपटॉप-मोबाइल सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. अब जिन अधिकारियों को ऑफिस के कामकाज के लिए मोबाइल – लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इश्यू किए जाएंगे. उसका इस्तेमाल वह अपने पर्सनल यूज के लिए भी कर सकेंगे. इन डिवाइसेस की टोटल लिमिट 1.3 लाख रुपये हो सकती है. इतना ही नहीं, एक निश्चित समय के बाद अधिकारी इन डिवाइस को अपने पास रख भी सकेंगे, यानी उन्हें वह लैपटॉप या मोबाइल लौटाने की जरूरत नहीं होगी.

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने अधिकारियों को लैपटॉप, मोबाइल इत्यादि इश्यू करने से जुड़ी अपडेटेट गाइडलाइंस जारी की हैं. इसमें डिवाइसेस की टोटल कॉस्ट की लिमिट को 80,000 रुपये से बढ़ाकर 1.3 लाख रुपये कर दिया गया है. साथ ही इन डिवाइस को 4 साल के बाद अधिकारी अपने पर्सनल यूज के लिए अपने पास रख सकेंगे. इनमें मोबाइल-लैपटॉप के अलावा टैबलेट, फैबलेट, नोटबुक, नोटपैड, अल्ट्रा-बुक, नेट-बुक और इस जैसे अन्य डिवाइस शामिल हैं.

मंत्रालय की गाइडलाइंस के मुताबिक केंद्र सरकार में डिप्टी सेक्रेटरी और उससे ऊपर के लेवल के अधिकारियों को इस तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इश्यू किए जाएंगे. वहीं किसी विभाग में 50 प्रतिशत के बराबर तक सेक्शन ऑफिसर्स और अंडर सेक्रेटरीज को इस तरह के डिवाइस जारी किए जा सकेंगे.

एक और शर्त रखी गई है कि ऐसे किसी भी अधिकारी को 4 साल तक नया डिवाइस जारी नहीं किया जाएगा, जिसके नाम पर पहले ही मोबाइल और लैपटॉप या अन्य डिवाइस इश्यू हो चुका है. हालांकि खराब होने की स्थिति में अगर डिवाइस रिपेयरिंग की लिमिट से बाहर चला जाता है, तब नया डिवाइस इश्यू किया जा सकता है.

 

 

सरकारी आदेश में साफ कहा गया है कि अगर किसी लैपटॉप-मोबाइल या अन्य डिवाइस में 40 प्रतिशत से ज्यादा कंपोनेंट ‘मेक इन इंडिया’ हैं, तब 1.30 लाख रुपये प्लस टैक्स की लागत के डिवाइस जारी किए जा सकते हैं. अन्यथा डिवाइस की अधिकतम कीमत 1 लाख रुपये प्लस टैक्स होगी. डिवाइस को 4 साल इस्तेमाल करने के बाद अधिकारी उसे अपने पास रख सकता है.

अगर कोई लैपटॉप या मोबाइल डिवाइस किसी अधिकारी को पर्सनल यूज या रखने के लिए हैंडओवर किया जा रहा है. तब उस विभाग और मंत्रालय की जिम्मेदारी होगी कि ऐसा करने से पहले वह डिवाइस के डेटा को पूरी तरह साफ कर दे. मतलब डिवाइस को डेटा सैनिटाइज की प्रक्रिया से गुजरना होगा. सरकार ने ये आदेश 21 जुलाई को जारी किया है.

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