
मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार ने लाड़ली बहना योजना की 32वीं किश्त का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इस किश्त का भुगतान जनवरी 2026 में किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹1,750 की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
32वीं किश्त की मुख्य जानकारी (एक नजर में)
योजना का उद्देश्य और लाभ
लाड़ली बहना योजना का मुख्य लक्ष्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। इस मासिक वित्तीय सहायता से उन्हें घर के छोटे-मोटे खर्चों, स्वास्थ्य, शिक्षा या अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। यह राशि महिलाओं को एक निश्चित आर्थिक आधार और सुरक्षा का एहसास कराती है।
किश्त का स्टेटस कैसे चेक करें?
यदि आप योजना की लाभार्थी हैं, तो आप इन आसान तरीकों से अपनी किश्त की स्थिति जाँच सकती हैं:
आधिकारिक पोर्टल: मध्य प्रदेश सरकार के लाड़ली बहना योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ।
लाभार्थी लॉगिन: अपने आवेदन क्रमांक या आधार नंबर का उपयोग करके लॉगिन करें।
भुगतान इतिहास देखें: ‘पेमेंट हिस्ट्री’ या ‘किश्त स्टेटस’ के सेक्शन में जाकर आप देख सकती हैं कि 32वीं किश्त आपके खाते में जमा हुई है या नहीं।
एसएमएस सूचना: कई बार लाभार्थियों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर राशि जमा होने की एसएमएस सूचना भी मिल जाती है।
ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
केवाईसी (KYC) है जरूरी: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक है और सभी जरूरी केवाईसी दस्तावेज अपडेट हैं। इससे भुगतान में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी।
आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें: किश्त की तारीख या राशि को लेकर किसी अफवाह या गलत जानकारी पर ध्यान न दें। केवल सरकारी विज्ञप्ति या आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी को ही सही मानें।
समस्या होने पर संपर्क करें: यदि आपको किश्त नहीं मिलती है या कोई समस्या आती है, तो तुरंत अपने क्षेत्र के जनसेवा केंद्र (CSC), तहसील कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
निष्कर्ष:
लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बनी हुई है। 32वीं किश्त की घोषणा के साथ, सरकार ने एक बार फिर इस योजना की निरंतरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सभी पात्र लाभार्थियों से अनुरोध है कि वे अपना बैंक विवरण अप-टू-डेट रखें ताकि समय पर राशि प्राप्त कर सकें।









