नई दिल्ली: SBI की रिपार्ट में हुआ बड़ा खुलासा, बाढ से यहां हुआ 16000 करोड़ का नुकसान जाने पूरी जानकारी इस महीने की शुरुआत में मूसलाधार बारिश के कारण दिल्ली और उत्तर भारत का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया. खराब मौसम के कारण पर्यटक और स्थानीय लोग फंस गए, घर और सड़कें बह गईं और सरकारी और प्राइवेट संपत्ति को भारी नुकसान हुआ. शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस महीने मौसम के मिजाज के कारण कम से कम 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
एसबीआई रिसर्च इकोरैप रिपोर्ट के अनुसार इन बाढ़ों के कारण आर्थिक नुकसान की वर्तमान स्थिति का अनुमान लगाया जाना बाकी है, फिर भी यह 10,000 से 15,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है. हाल ही में उत्तर भारत में आई बाढ़ ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली को बुरी तरह प्रभावित किया है. इस वर्ष की शुरुआत में गुजरात में आए बिपरजॉय चक्रवात के कारण भारत को भी बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान हुआ है.
रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में सड़कों, ट्रांसफार्मर्स, पॉवर सब स्टेशन और वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट्स को बड़े पैमाने पर क्षति हुई है. शुरुआती अनुमान के मुताबिक, यह नुकसान 3,000-4,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है. इस बीच, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को राज्य में बाढ़ के कारण लगभग 5,000 करोड़ के नुकसान की संभावना पर चिंता व्यक्त की है. जिनके घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे, उन्हें 1,45,000 रुपये और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों को 1 लाख रुपये का मुआवजा पहले ही प्रदान किया जा चुका है.
1900 के बाद से प्राकृतिक आपदाओं की सबसे अधिक संख्या दर्ज करने में भारत अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है. एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार देश में 1900 के बाद से 764 प्राकृतिक आपदाएं देखी गई हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा बाढ़ और तूफान की शक्ल में है. 2001 के बाद से, लगभग 100 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं, और लगभग 85,000 लोगों की जान चली गई.