IPL: एक ‘नो बॉल’ राजस्थान के 214 रनों पर यूं पड़ी भारी

रविवार को आईपीएल के दो मुक़ाबले हुए.
गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जाएंट्स के बीच हुए पहले मुक़ाबले में भले ही डिफ़ेंडिंग चैंपियन गुजरात जीती लेकिन ये मैच रोमांच के स्तर पर फीका रहा.
लेकिन जब राजस्थान रॉयल्स और सनराइज़र्स हैदराबाद के बीच दूसरा मुक़ाबला हुआ तो दर्शकों को आख़िरी गेंद तक ‘पैसा वसूल’ टाइप रोमांच देखने को मिला.
जिस मैच में सनराइज़र्स हैदराबाद एक बार भी मज़बूत स्थिति में नहीं दिखी, वो मैच टीम ने चार विकेट से जीत लिया. ये भी तब, जब सामने राजस्थान रॉयल्स ने 214 रनों का स्कोर खड़ा किया था.
इस जीत की पटकथा लिखने वाला कोई एक खिलाड़ी नहीं है लेकिन आख़िरी गेंद पर जो हुआ वो न होता तो मैच राजस्थान रॉयल्स की मुट्ठी में था.
छक्कों की हैट्रिक से हुई मैच में वापसी

टॉस जीतकर राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाज़ी चुनी और 214 रन बनाए.
राजस्थान की तरफ़ से कप्तान संजू सैमसन, जॉस बटलर और यशस्वी जायसवाल तीनों ने शानदार पारियां खेलीं.
हैदराबाद गेंदबाज़ी के बाद बल्लेबाज़ी के दौरान भी पूरी तरह दबाव में दिखी.
14वें ओवर तक स्थिति ऐसी हुई कि टीम को हर ओवर में औसतन 14 रनों की ज़रूरत थी.
और अठारहवें ओवर तक आते-आते मैच पूरी तरह से सनराइज़र्स हैदराबाद के हाथों से निकल चुका था.
हैदराबाद ने 5 विकेट खोकर 174 रन बनाए थे.
टीम को अभी भी 41 रन चाहिए थे, जो महज़ 12 गेंदों पर बनाना लगभग असंभव लग रहा था.
19वें ओवर में गेंदबाज़ी के लिए कुलदीप यादव आए.
सामने हैदराबाद की तरफ़ से बल्लेबाज़ी कर रहे थे ग्लेन फ़िलिप्स.
यादव ने फ़िलिप्स को फुल टॉस गेंद फेंकी, जिसका फ़ायदा उठाते हुए ग्लेन ने ज़ोरदार छक्का जड़ा. हालांकि, यादव ने फिर से फुल टॉस गेंद डाली और ग्लेन ने इसका हश्र भी वही किया.
दो गेंदों पर दो छक्के लगने के बाद टीम को 10 गेंदों पर चाहिए थे 29 रन चाहिए थे. हालांकि, ग्लेन ने इनकी अगली दो गेंदों पर भी एक छ्क्का और चौका जड़ा.
इन शॉट्स से गेम हैदराबाद की ओर झुका. लेकिन अगली ही गेंद पर ग्लेन फ़िलिप्स आउट हो गए और टीम का स्कोर 196 रनों पर 6 विकेट हो गया.
हालांकि, मार्को जैनसन ने इस ओवर की आख़िरी गेंद पर दो रन बनाए और टीम की उम्मीद बनी रही.
एक नो बॉल ने राजस्थान के ‘जबड़े’ से छीन ली जीत
आख़िरी छह गेंदों पर हैदराबाद को चाहिए थे 17 रन.
आईपीएल के अंतिम ओवर में इससे कहीं अधिक रन आख़िरी ओवर में बन चुके हैं. इसलिए इस मुक़ाबले में भी इस तक पहुंचना असंभव नहीं था.
संदीप शर्मा आख़िरी ओवर फेंकने आए.
पहली गेंद पर हैदराबाद के लिए अब्दुल समद ने दो रन बनाए.
अगली ही गेंद पर समद ने शॉट जड़ा. बाउंड्री लाइन पर कैच लपकने की कोशिश में ये गेंद जॉस बटलर के हाथों से लगकर सीधा बाउंड्री पार गिरी और छह रन मिले.
अब हैदराबाद को चार गेंदों पर नौ रन चाहिए थे.
इसकी अगली गेंद पर समद फिर दो रन भागे और हैदराबाद को ज़रूरत थी तीन गेंदों पर सात रन की.
चौथी और पाँचवीं गेंद पर एक-एक रन बने.
आख़िरी गेंद पर हैदराबाद को पाँच रन बनाने थे.
लेकिन समद की कोशिश नाकाम रही और ऐसा लगा मैच हैदराबाद हार गई.
हालांकि, मैच का असल रोमांच अभी बाक़ी था. दरअसल, संदीप सिंह की ये आख़िरी गेंद नो बॉल थी, यानी उन्हें ये गेंद दोबारा फेंकनी थी, जो हैदराबाद के लिए फ्री हिट थी.
अब एक गेंद पर हैदराबाद को चाहिए थे चार रन. अब्दुल समद इस बार चूके नहीं और राजस्थान के जबड़े से हैदराबाद ने जीत छीन ली.
राजस्थान को दूसरी बार 200 पार रन बनाने के बावजूद मिली हार

राजस्थान रॉयल्स की ओर से सलामी बल्लेबाज़ी करने उतरे यशस्वी जायसवाल ने तेज़ी से 35 रन बनाए.हालांकि, जायसवाल ने थर्ड मैन के हाथों कैच दिया और यहां से हैदराबाद के गेंदबाज़ों का खाता खुला.लेकिन इसके बाद राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन बल्लेबाज़ी के लिए आए और सलामी बल्लेबाज़ जॉस बटलर के साथ मिलकर रनों की बड़ी पार्टनरशिप खड़ी की और मैच को 214 रनों तक ले गए.मैच जीतने के बाद हैदराबाद के कप्तान एडन मारक्रम ने ख़ुद ये कहा कि 215 रनों के लक्ष्य को हासिल करना आसान काम नहीं था.वहीं, संजू सैमसन ने भी उस आख़िरी गेंद नो बॉल होने को हार की वजह बताई.इस आईपीएल सीज़न में ये दूसरी बार है, जब राजस्थान ने 200 से अधिक रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया लेकिन इसे डिफ़ेंड नहीं कर पाई.इससे पहले 30 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़ भी राजस्थान ने 212 रन बनाए लेकिन मुंबई ने तीन गेंदें शेष रहते हुए ही ये लक्ष्य हासिल कर लिया.ये आईपीएल का 1000वां मुक़ाबला था.









