Chhattisgarh ED Raid: दो सालों में 540 करोड़ रुपए की उगाही, 25 रुपए कमीशन से शुरू हुआ था खेल

रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से ईडी की रेड पड़ी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयले पर अवैध उगाही के मामले में प्रदेश के कई जिलों में कार्रवाई की है। जांच एक बड़े घोटाले से संबंधित है। जिसमें छत्तीसगढ़ में प्रति टन कोयले के परिवहन पर 25 रुपये की वसूली की जाती थी और इसमें वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, राजनेताओं और बिचौलियों की मिलीभगत थी। ईडी ने कहा कि पिछले दो साल में इसके जरिए कम से कम 540 करोड़ रुपये की उगाही की गई।
मंगलवार को कोयला खनन मामले में छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर छापेमारी कर रहा है। आरोपी कथित तौर पर प्रति टन 25 रुपये कमीशन ले रहे थे। ये छापेमारी छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल और गिरफ्तार आरोपी सुनील अग्रवाल के ठिकानों पर की जा रही है। फरवरी में भी प्रदेश के कई अधिकारी और श्रम समिति के अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल सहित कांग्रेस के विभिन्न नेताओं के परिसरों पर छापेमारी की गई थी।
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव सौम्या चौरसिया, आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई और अन्य जांच के घेरे में हैं। इस मामले में ईडी ने पहले विश्नोई और चौरसिया को गिरफ्तार किया था। दिसंबर में, ईडी ने मामले में सूर्यकांत तिवारी, सौम्या चौरसिया, आईएएस समीर विश्नोई, सुनील अग्रवाल और अन्य की 152.31 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति कुर्क की थी। ईडी ने सितंबर में आईएएस समीर विश्नोई, इंद्रमणि ग्रुप के सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी को गिरफ्तार किया था। अक्टूबर में फरार आरोपी सूर्यकांत तिवारी ने एक अदालत के सामने सरेंडर कर दिया था।
आयकर विभाग ने लिखा था लेटर
आईएएस अधिकारी रानू साहू कथित तौर पर लापता थीं, लेकिन उन्होंने अक्टूबर में ईडी को एक पत्र लिखा और अधिकारियों को बताया कि वह चिकित्सा अवकाश पर हैं। बाद में ईडी ने अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में उनकी मां के घर पर तलाशी अभियान चलाया। बिश्नोई से ईडी के अधिकारियों ने खानों से निकाले गए कोयले पर 25 रुपये प्रति टन के कथित कमीशन के संबंध में पूछताछ की थी।









