
मध्य प्रदेश सरकार की सीएम किसान कल्याण योजना राज्य के किसानों के लिए चलाई जा रही एक प्रमुख आर्थिक सहायता कार्यक्रम है। इस योजना के तहत, जो किसान केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं, उन्हें राज्य सरकार की ओर से प्रति वर्ष 6,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000-2,000 रुपये की तीन किस्तों में किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। इस प्रकार, एक लाभार्थी किसान को केंद्र और राज्य सरकार से मिलाकर कुल 12,000 रुपये प्रतिवर्ष की वित्तीय सहायता मिलती है, जो कृषि संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होती है।
14वीं किस्त की संभावित तिथि एवं महत्वपूर्ण अपडेट
वर्तमान में, मध्य प्रदेश के लाखों किसान सीएम किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी सूत्रों के अनुसार, 14वीं किस्त का भुगतान फरवरी 2026 के प्रथम सप्ताह में किया जाना प्रस्तावित है। राज्य सरकार इस राशि को किसान सम्मेलन या बजट सत्र जैसे किसी विशेष अवसर के दौरान “सिंगल क्लिक” के माध्यम से जारी कर सकती है, जैसा कि पूर्व में भी किया जाता रहा है।
हालाँकि, यह ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि आधिकारिक तिथि की घोषणा केवल मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ही की जाएगी। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे कृषि विभाग, मध्य प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय समाचार स्रोतों से नवीनतम अपडेट प्राप्त करते रहें।
योजना का लाभ पाने के लिए पात्रता मानदंड
सीएम किसान कल्याण योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
मूल निवासी होना: आवेदक का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
पीएम किसान में पंजीकरण: लाभार्थी का नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पोर्टल पर सक्रिय रूप से पंजीकृत होना चाहिए और उसे पीएम किसान की किस्तें नियमित रूप से मिल रही हों।
भूमि संबंधी आवश्यकता: लाभार्थी के नाम पर राज्य में कृषि योग्य भूमि (सीडिंग भूमि) का रिकॉर्ड होना चाहिए।
ई-केवाईसी पूर्ण होना: आवेदक का ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
आय सीमा संबंधी अपवाद: ऐसे किसान जिनके परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
किस्त का भुगतान किन कारणों से रुक सकता है?
कई बार कुछ तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से लाभार्थी के खाते में भुगतान रुक सकता है। निम्नलिखित सामान्य कारणों पर ध्यान दें:
ई-केवाईसी लंबित है: यदि लाभार्थी का पीएम किसान पोर्टल पर ई-केवाईसी सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, तो भुगतान रोक दिया जाएगा।
बैंक खाता सत्यापन जरूरी: यदि बैंक खाते का आधार सीडिंग (आधार कार्ड से लिंक) नहीं किया गया है, तो DBT के माध्यम से भुगतान नहीं हो पाएगा।
भूमि रिकॉर्ड में विसंगति: यदि खसरा-खतौनी या भूमि के दस्तावेजों में कोई त्रुटि है या विवरण अद्यतन नहीं है, तो लाभ अवरुद्ध हो सकता है। ऐसी स्थिति में अपने क्षेत्र के लेखपाल से संपर्क करके रिकॉर्ड सही करवाना चाहिए।
पीएम किसान स्टेटस निलंबित: यदि पीएम किसान योजना में किसी कारणवश आपका लाभ रोका गया है, तो इस योजना का लाभ भी स्वत: रुक जाएगा।
14वीं किस्त की स्थिति कैसे जाँचें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
भुगतान की स्थिति जानने के लिए आप निम्नलिखित सरल चरणों का पालन कर सकते हैं:
आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ: सबसे पहले अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन के ब्राउज़र में मध्य प्रदेश किसान कल्याण योजना का आधिकारिक पोर्टल खोलें। (ध्यान दें: आमतौर पर यह जानकारी MP लोक सेवा पोर्टल या कृषि विभाग की साइट के माध्यम से उपलब्ध होती है)।
‘लाभार्थी स्थिति’ ढूंढें: पोर्टल के होमपेज पर
Beneficiary StatusयाFarmer Detailsजैसे विकल्प पर क्लिक करें।विवरण दर्ज करें: अगले पेज पर आपसे आपका आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, या पीएम किसान आवेदन संदर्भ संख्या माँगा जा सकता है। संबंधित जानकारी भरें।
सुरक्षा कोड डालें: दिखाए गए कैप्चा कोड (CAPTCHA) को सही-सही डालें और ‘सबमिट’ या ‘खोजें’ बटन पर क्लिक करें।
स्थिति देखें: अब आपके सामने आपकी भुगतान स्थिति का पेज खुल जाएगा। इसमें यह दिखेगा कि आपको अब तक कितनी किस्तें मिल चुकी हैं और अगली किस्त का स्टेटस क्या है।
अगली किस्त के लिए तैयारी: इन बातों का रखें विशेष ख्याल
आने वाली 14वीं किस्त का लाभ बिना किसी रुकावट प्राप्त करने के लिए किसान भाइयों को निम्न बातों पर अभी से ध्यान देना चाहिए:
ई-केवाईसी है सबसे जरूरी: सरकार द्वारा बार-बार स्पष्ट किया गया है कि जिन किसानों की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उनकी किस्त रोक दी जाएगी। आप पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर ओटीपी के जरिए स्वयं ई-केवाईसी कर सकते हैं या नजदीकी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन करवा सकते हैं।
बैंक खाते की जानकारी अद्यतन रखें: सुनिश्चित करें कि पंजीकृत बैंक खाता सक्रिय है और आधार कार्ड से सही तरीके से लिंक है। खाता नंबर या आईएफएससी कोड में कोई बदलाव हुआ है तो तुरंत अपडेट करवाएँ।
पीएम किसान स्टेटस चेक करते रहें: चूँकि यह योजना पीएम किसान से जुड़ी हुई है, इसलिए नियमित रूप से पीएम किसान पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक करते रहें। अगर वहाँ कोई समस्या दिखे, तो उसे दूर करने का प्रयास करें।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश सीएम किसान कल्याण योजना राज्य के किसानों की आय को दोगुना करने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय कदम है। 14वीं किस्त के जारी होने की प्रतीक्षा कर रहे किसानों को यह सलाह है कि वे अपनी पात्रता और दस्तावेजों की तैयारी पर अभी से ध्यान दें। ई-केवाईसी और बैंक खाते का सत्यापन पूरा करके आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि सरकारी सहायता राशि आपके खाते में समय पर और बिना किसी देरी के पहुँच जाए। आधिकारिक घोषणा का धैर्यपूर्वक इंतजार करें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. सीएम किसान कल्याण योजना और पीएम किसान योजना में क्या अंतर है?
पीएम किसान योजना केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाती है, जिसके तहत हर साल 6,000 रुपये दिए जाते हैं। सीएम किसान कल्याण योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक अतिरिक्त सहायता है, जो पीएम किसान के लाभार्थियों को राज्य की ओर से अतिरिक्त 6,000 रुपये प्रति वर्ष देती है। दोनों योजनाओं का लाभ लेने वाला किसान कुल 12,000 रुपये प्रतिवर्ष प्राप्त करता है।
2. क्या पीएम किसान में नाम न होने पर भी मैं इस योजना के लिए आवेदन कर सकता हूँ?
नहीं। सीएम किसान कल्याण योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है जो पीएम किसान सम्मान निधि योजना के पहले से ही पात्र और सक्रिय लाभार्थी हैं। अगर आप पीएम किसान में पंजीकृत नहीं हैं, तो पहले उसके लिए आवेदन करें और उसका लाभ पाना शुरू करें।
3. मेरी ई-केवाईसी कैसे पूरी होगी?
ई-केवाईसी दो तरीकों से पूरी की जा सकती है:
ऑनलाइन (ओटीपी के द्वारा): पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर, अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक करके ओटीपी सत्यापन के जरिए।
ऑफलाइन (बायोमेट्रिक के द्वारा): अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या निर्धारित सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक (अंगुली के निशान या आईरिस स्कैन) द्वारा सत्यापन करवाया जा सकता है।
4. अगर मेरी किस्त रुक गई है तो मुझे क्या करना चाहिए?
सबसे पहले पीएम किसान पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक करें और देखें कि क्या वहाँ कोई त्रुटि दिख रही है (जैसे ई-केवाईसी लंबित, भूमि रिकॉर्ड विसंगति)। अगर समस्या का कारण समझ न आए, तो आप राज्य के कृषि विभाग के हेल्पलाइन नंबर या अपने जिले के कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। शिकायत दर्ज कराने के लिए MP लोक सेवा पोर्टल का भी उपयोग किया जा सकता है।
5. क्या इस योजना के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है?
सामान्य तौर पर, इस योजना के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि यह पीएम किसान के डेटाबेस से स्वतः जुड़ जाती है। हालाँकि, लाभ प्राप्त करने के लिए सभी शर्तों (जैसे ई-केवाईसी, सही दस्तावेज) को पूरा करना अनिवार्य है। कोई नई घोषणा होने पर आधिकारिक सूचना का पालन करें।










